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कैल्शियम क्या है ?

कैल्शियम क्या है ?

कैल्शियम एक रासायनिक तत्व है जो मनुष्यों सहित जीवों के लिए आवश्यक है। यह शरीर में सबसे प्रचुर मात्रा में खनिज है और अच्छे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। हमें मस्तिष्क और शरीर के अन्य भागों के बीच मजबूत हड्डियों और स्वस्थ संचार के निर्माण के लिए कैल्शियम की एक निश्चित मात्रा का उपभोग करने की आवश्यकता होती है। कैल्शियम कई खाद्य पदार्थों में स्वाभाविक रूप से पाया जाता है; यह भी कुछ उत्पादों में जोड़ा जाता है,

कैल्शियम की  कमी  होने  के  कारण

  • कैल्शियम की कमी सबसे ज्यादा भोजन में कैल्शियम युक्त भोजन न लेने से होती है|
  • कैल्शियम की कमी सबसे ज्यादा महिलाओ में होती है क्योकि महिलाओ को कोई दोर से गुजरना होता है जैसे- मासिक धर्म, गर्भधारण, ब्रेस्टफीडिंग और बाद में मेनोपॉज|
  • अधिक दिनों तक सूरज की रौशनी को न लेने से|
  • विटामिन C की कमी से|
  • ड्रिकिंग सोडा का सेवन करने से|
  • अधिक कैफीन का सेवन करने से|
  • सोडियम युक्त पदार्थो का अधिक सेवन करने से|

कैल्शियम की  कमी  के लक्षण

  • आपकी हड्डियों का कमजोर होना उठते बैठते समय दर्द का होना|
  • मांसपेशियों में अकड़न और दर्द होना|
  • बहुत जल्द ही थकान होना|
  • कमजोर दांत, कमजोर नाखून, झुकी हुई कमर, बालों का टूटना या झड़ना कैल्शियम की कमी के लक्षण है|
  • नींद ना आना, डर लगना और दिमागी टेंशन रहना कैल्शिीयम की कमी से ही होता है|
  • शरीर का सुन्न हो जाना हाथ पैरो में झुनझुनी आना|
  • याददाश्त कमजोर होना और अधिक डिप्रेशन में रहना|

कैल्शियम  के स्त्रोत

  • संतरा:-संतरे में कैल्शियम की लगभग 50 मिलीग्राम मात्रा पाई जाती है। ऐसे में कैल्शियम की प्राप्ति का एक उत्तम ज़रिया संतरा हो सकता है। आप संतरे का जूस भी पी सकते हैं
  • बीज:-हम कैल्शियम को अनेक प्रकार की बीजों से प्राप्त कर सकते हैं। इनमें से प्रमुख शीशम के बीज, अलसी के बीज, तरबूज़ के बीज आदि हैं। शीशम के बीज में 975 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है।
  • पालक:-पालक में 250 ग्राम कैल्शियम पाया जाता है। अपने आहार में नियमित रूप से पालक खाने से शरीर में कैल्शियम का स्तर संतुलित हो सकता है। हम यदि पालक की सब्ज़ी नहीं खाना चाहते हैं तो हम पालक का सलाद खा सकते हैं।
  • शलजम:-यदि आप शाकाहारी हैं तो आपके शरीर में कैल्शियम की कमी का ख़तरा ज़्यादा बना रहता है। ऐसे में आपको उन सब्ज़ियों का सेवन करना चाहिए जो कि कैल्शियम से भरपूर हों। सौ ग्राम शलजम में लगभग 190 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। तो यदि आप शाकाहारी हैं तो आप कैल्शियम की कमी को शलजम के द्वारा पूरा कर सकते हैं।
  • दही:-दही में 125 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। लो फ़ैट योगर्ट में कैल्शियम की हाई मात्रा होती है।
  • बादाम:बादाम में 264 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। शोध में इस बात का दावा किया है कि बादाम ड्राई फ्रूट्स में सबसे अधिक कैल्शियम रखने वाला ड्राई फ़्रूट है।
  • दूध:-दूध में 125 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। इस तरह दूध से भी कैल्शियम प्राप्त किया जा सकता है।
  • चीज:- चीज़ में 721 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। इस तरह चीज़ का सेवन करके हमें कैल्शियम प्राप्त हो सकता है।

कैल्शियम की  कमी  से होने  वाले रोग

कैंसर का ख़तरा:- कैल्शियम की कमी होने से शरीर में कैंसर का ख़तरा बढ़ जाता है। कैल्शियम की कमी से कोलोन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। कैल्शियम की कमी के कारण कोशिकाएँ सही प्रकार से विकसित नहीं हो पाती हैं। उनके चेक प्वाइंट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है जिससे कि वे अनियंत्रित होकर ग़लत ढंग से विभाजित होना शुरू हो जाती हैं। इस तरह शरीर में कैंसर बन जाता है।

नींद की कमी या इनसोम्निया:-नींद की कमी होना अपने आप में एक बहुत ही गंभीर समस्या है। लोग इस समस्या पर ध्यान नहीं देते क्योंकि उन्हें लगता है कि यह एक रुटीन वर्क है।काम की अधिकता और तनाव के चलते लोगों में नींद की कमी हो जाती है। इसके अतिरिक्त नींद की कमी का जो सबसे बड़ा कारण है वो यह है कि लोग पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को अनदेखा करते हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस:-जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कैल्शियम की कमी से हड्डियों पर सीधा सीधा प्रभाव पड़ता है। हड्डियां कमज़ोर हो जाती हैं जिससे कि मामूली सी चोट पर हड्डियों के टूटने का ख़तरा बना रहता है।इतना ही नहीं कैल्शियम की कमी होने से हड्डियों के अंदर मौजूद मेट्रिक्स की भी कमी होने लगती है। ऐसे में हड्डियां अंदर से खोखली हो जाती हैं जिससे कि वे हल्के से दबाव पर फ़ौरन टूट जाती हैं।

हृदय रोगों का ख़तरा:-कैल्शियम की कमी से रक्तचाप पर प्रभाव पड़ता है। रक्तचाप पर प्रभाव पड़ना मतलब हृदय रोगों को जन्म देना है।जब नियमित रूप से रक्त की संतुलित मात्रा हृदय तक नहीं पहुँच पाती है तो धमनियां अवरुद्ध होकर बंद हो सकती हैं। ऐसे में हार्ट अटैक या हार्ट स्ट्रोक का ख़तरा बढ़ जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या:-कैल्शियम की कमी होने से ब्लड प्रेशर हाई होने की समस्या हो जाती है। नसों में रक्त का प्रवाह सामान्य से बहुत अधिक तेज़ हो जाता है।ऐसे में कभी कभी दिमाग़ की नसों के फटने का डर बना रहता है। इसलिए हाई ब्लड प्रेशर को एक ख़तरनाक समस्या कहा जाता है।

दांतों की समस्या:-कैल्शियम की कमी से दाँत वक़्त से पहले गिरने लगते हैं। यदि दांत पूरे पूरे नहीं गिरते हैं तो दांतों की परतों का धीरे धीरे क्षरण होने लगता है।इतना ही नहीं दॉंत तेज़ी से पीले पड़ने लगते हैं और वे अंदर ही अंदर सड़ने शुरू हो जाते हैं।

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