Wed. Jun 3rd, 2020

धनुरासन प्राणायाम करने की प्रक्रिया क्या है?

धनुरासन का अर्थ होता है धनुष के समान। धनुर और आसन शब्दों के मिलने से धनुरासन बनता है। यहां धनुर का अर्थ है धनुष। इस आसन में साधक की आकृति धनुष के समान बनती है इसलिए इसे धनु रासन कहा जाता है। लेट के किये जाने वाले आसनों में यह आसन काफी महत्वपूर्ण आसन होता है। पेट की चर्बी कम करने वाले आसनों में भी इसकी गिनती होती है। मोटापे और स्त्रियों के प्रजनन तंत्र को कार्यशील बनाने में धनुरासन काफी लाभदायक सिद्ध होता है।

धनुरासन प्राणायाम आसन करने की विधि

चरण 1:सर्वप्रथम किसी स्वच्छ आराम दायक और समतल जगह का चुनाव कर लें, उसके पश्चात चटाई बिछा कर बैठ जाएँ।

चरण 2:धनुरासन शुरू करने के लिए, सब से पहले चटाई पर पेट के बल लेट जाइए। फिर अपनी ठोड़ी ज़मीन पर लगा दीजिये। अपनें दोनों हाथों को पैरों की दिशा में लंबा कर के कमर के पास ज़मीन पर रखें। आप के दोनों हाथों की हथेलियाँ  आकाश की और मुड़ी होनी चाहिए।

चरण 3:अब आगे, अपनें दोनों घुटनो को मौड़ कर दोनों पैर ऊपर उठाएँ। जब आप के पैरों की दोनों एड़िया दोनों कूल्हों तक आ जाएं तब अपनें दोनों हाथों से अपनें दोनों पैरों के टखनें पकड़ लें।

चरण 4:याद रहे कि पैरों के टखनों को पकड़ते वक्त हाथ दोनों कुहनियों से सीधे रहने चाहिए।

चरण 5:अब धीरे धीरे शरीर के अंदर गहरी सांस भरते हुए अपनें दोनों पैरों को पीछे की ओर खींचे। और उसी के साथ साथ अपनें दोनों जांघों को और कूल्हों को ज़मीन से ऊपर उठाने का प्रयत्न करें।

चरण 6:जब आप दोनों जांघों को और कूल्हों को ज़मीन से ऊपर उठा रहें हो, उसी के साथ साथ अपनी छाती  और गरदन को भी ज़मीन से ऊपर उठा ते रहें।

चरण 7:छाती पूरी तरह से ऊपर उठ जाए तब अपनी ऊपर उठी हुई गर्दन को पीछे की और हो सके उतना ले जाने का प्रयत्न करें।

चरण 8: जितना हो सके इस मुद्रा में कुछ समय टिके रहने का प्रयास करें (दस से बीस सेकंड)। उसके बाद धीरे धीरे कूल्हों और जांघों को ज़मीन की ओर ले आयें। और साथ साथ अपने शरीर के आगे के भाग, यानि छाती और सिर को भी ज़मीन पर ले आयें।

चरण 9:अब दोनों हाथों के द्वारा पकड़ी हुई एड़ियों को मुक्त करें और आसन शुरू करते वक्त हाथ जिस मुद्रा में थे, वैसे ही उन्हे ज़मीन पर रख दें।

चरण 10:धीरे धीरे दोनों मुड़े हुए घुटने सीधे कर लें और दोनों पैरों को पहले की तरह ज़मीन पर रख दें।

चरण 11:अंत में पेट के बल थोड़ी देर वैसे ही लेते रहे। और थकान दूर होने पर दूसरा सेट शुरू करें। और तीन सेट कर लेने के बाद “शवासन” में विश्राम कर लें।

धनुरासन प्राणायाम के  फायदे

  • यह आसन रीड़ की हड्डी मज़बूत और लचीली बनाता है। सामान्य कमर दर्द दूर कर देता है।
  • धनुरासन करने से शरीर की पाचनप्रणाली मज़बूत बनती है। पेट से जुड़े जटिल रोग जैसे की एसिडिटी, , खट्टी डकार और सामान्य पेट दर्द दूर होते हैं।
  • धनुरासन करने से सम्पूर्ण शरीर के सभी अंगो को आराम मिलता है। शरीर फुर्तीला बनता है, शरीर पर जमा हुआ चर्बी कम होती है और मोटापा कम होता है।
  • धनुरासन करने से छाती, जांघें और कंधे मज़बूत बनते हैं।

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